पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनावों से ठीक पहले कानून व्यवस्था का मामला गरमाता नजर आ रहा है। पुलिस ने रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के एक निर्दलीय उम्मीदवार को साल 2021 के चुनावों के दौरान हुए एक हिंसक संघर्ष के मामले में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद से राज्य की राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
पुराने मामलों में हो रही हैं गिरफ्तारियां
गिरफ्तार किए गए निर्दलीय उम्मीदवार की पहचान सैफुल इस्लाम के रूप में हुई है, जो हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाले संगठन से जुड़े हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बहरामपुर पुलिस थाने की टीम ने सैफुल इस्लाम को पिछले विधानसभा चुनाव के समय दो समूहों के बीच हुई झड़प के सिलसिले में पकड़ा है। इस मामले में उनका नाम शामिल था और पुलिस काफी समय से इसकी जांच कर रही थी।
इससे पहले पुलिस ने एक अन्य मामले में कांग्रेस के नंदग्राम विधानसभा उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी गिरफ्तार किया था। वह गिरफ्तारी लगभग दो दशक पुराने उस मामले से जुड़ी थी जो क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज किया गया था।
राजनीतिक हलचल और अन्य गिरफ्तारियां
राज्य में आगामी 6 अक्टूबर को दो सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इन उपचुनावों से पहले पुलिस की यह सख्त कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके अलावा, पुलिस ने मुर्शिदाबाद जिले में वाहन चेकिंग के दौरान एक अन्य दल के राज्य सचिव को भी भारी मात्रा में अवैध हथियारों और अन्य सामग्री के साथ गिरफ्तार किया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और आने वाले दिनों में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

