प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में आम्रपाली समूह पर कड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली में बड़ी अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। जांच एजेंसी द्वारा उठाये गये इस कदम से रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप हैं।
दिल्ली के महारानी बाग में की गई कार्रवाई
ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके महारानी बाग स्थित संपत्ति को जब्त किया गया है। यह कुर्क की गई संपत्ति सुरभाई एडवरटाइजिंग के नाम पर दर्ज थी और इसका कुल मूल्य 54.71 करोड़ रुपये आंका गया है।
क्या है पूरा मामला और एफआईआर की पृष्ठभूमि
यह पूरी जांच उत्तर प्रदेश पुलिस और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई कुल 18 एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ाई गई है। जांच में सामने आया कि आम्रपाली समूह ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं का झांसा देकर घर खरीदारों से बड़ी रकम जुटाई थी।
खरीदारों से वादा किया गया था कि उन्हें 36 महीने के भीतर फ्लैट मिल जाएंगे और साथ ही सुनिश्चित रिटर्न भी दिया जाएगा। हालांकि, तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी परियोजनाएं पूरी नहीं हुईं। इसके चलते न तो निवेशकों को फ्लैट मिल सके और न ही उनकी मूल राशि वापस लौटाई गई।
फॉरेंसिक ऑडिट में हुआ बड़ा खुलासा
मामले की जांच के दौरान किए गए फॉरेंसिक ऑडिट में पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम धनराशि के दुरुपयोग का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एजेंसी का आरोप है कि खरीदारों से ली गई इस रकम को विभिन्न शेल कंपनियों और समूह की अन्य कंपनियों के जरिए इधर-उधर स्थानांतरित किया गया था।
नेक्सा एवरग्रीन मामले में भी हुई कुर्की
आम्रपाली समूह के अलावा, एक अन्य अलग कार्रवाई के दौरान ईडी ने नेक्सा एवरग्रीन से जुड़े मामले में भी 34.91 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया है। इन संपत्तियों में गुजरात, राजस्थान और गोवा जैसे राज्यों में स्थित जमीन, फ्लैट और रिसॉर्ट्स में हिस्सेदारी शामिल है। एजेंसी के मुताबिक, इनमें से लगभग 69 अचल संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 29.37 करोड़ रुपये बनता है।

