बिहार में हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों के परिणाम आने के तुरंत बाद एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जहां दो निर्दलीय एमएलसी ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इन दोनों नेताओं को शनिवार को हुई विधायक दल की बैठक के दौरान पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल किया गया।
चुनावी जीत और भाजपा की स्थिति
बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीटों पर चुनाव संपन्न हुए थे। शुरुआत में भाजपा ने इनमें से दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, इसके तुरंत बाद पार्टी ने एक राजनीतिक रणनीति के तहत दो निर्दलीय विजयी उम्मीदवारों को अपने पाले में शामिल कर लिया। इस नए घटनाक्रम के बाद आठ में से चार सीटें अब भाजपा के पास आ गई हैं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पार्टी के बिहार प्रभारी हरीश द्विवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत के आंकड़े
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर बृजवासी ने एनडीए समर्थित जदयू उम्मीदवार अभिषेक झा को पराजित किया। इस क्षेत्र के अंतर्गत मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले आते हैं। बंशीधर बृजवासी ने 31,832 वोट हासिल किए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 22,685 वोट मिले और हार-जीत का अंतर 9,147 वोटों का रहा।
वहीं दूसरी ओर, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. राहुल राज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। उन्होंने जदयू समर्थित उम्मीदवार आनंद पुष्कर को 1,815 मतों के अंतर से हराया। राहुल राज को कुल 4,965 वोट प्राप्त हुए, जबकि आनंद पुष्कर को 3,150 वोट मिले।
नेताओं के बयान
पार्टी में शामिल होने के बाद बंशीधर बृजवासी ने शिक्षकों के कल्याण के लिए काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद उन्होंने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान खोजने का भरोसा दिलाया गया है। वहीं, राहुल राज ने अपनी पुरानी राजनीतिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि वे लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं और मतदाताओं के विश्वास पर खरा उतरने के लिए उन्होंने दोबारा पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।

