कनाडा में खालिस्तानी समर्थक संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) और लॉरेन्स बिश्नोई गिरोह के बीच का विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। SFJ ने कनाडाई मंत्रियों को पत्र लिखकर ब्रैम्पटन के एक हिंदू मंदिर में आयोजित होने वाले भारतीय कांसुलर कैंप को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
कनाडा में कांसुलर कैंप को लेकर पत्राचार
संगठन के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसांगरी और न्याय मंत्री शॉन फ्रेजर को पत्र भेजा है। इस पत्र में 15 नवंबर को ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में प्रस्तावित भारतीय कांसुलर कैंप के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई गई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि इससे पहले नवंबर 2024 में इसी मंदिर में हुए एक कैंप के दौरान कथित तौर पर कुछ नारे लगाए गए थे और झड़पें हुई थीं।
लॉरेन्स बिश्नोई गिरोह पर बढ़ती नजर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच लॉरेन्स बिश्नोई गिरोह एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मुंबई में अभिनेता टाइगर श Shroff की गाड़ी पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद इस आपराधिक सिंडिकेट की गतिविधियों की जांच तेज हो गई है। पुलिस इस मामले में संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है। इसके अलावा, कनाडाई अधिकारियों ने भी इस गिरोह को लेकर गंभीर रुख अपनाया है और सितंबर 2025 में इसे आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और सुरक्षा मांग
यह विवाद हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच से भी जुड़ रहा है। अमेरिकी अभियोजकों ने इस मामले में लॉरेन्स बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर आरोप तय किए हैं, हालांकि इन कानूनी मामलों की प्रक्रिया अभी जारी है। SFJ ने कनाडाई सरकार से आगामी कांसुलर कैंप के संबंध में लिखित सुरक्षा आश्वासन की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि चिंताएं दूर नहीं की गईं तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

