भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विदेशी संगठनों के साथ कथित संबंधों को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि ये अंतरराष्ट्रीय समूह भारत में विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा दे रहे हैं और देश के भीतर अफरा-तफरी का माहौल पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी का अंतरराष्ट्रीय समूहों के साथ जुड़ाव, इन समूहों की गतिविधियों और भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच संभावित तालमेल पर सवाल खड़े करता है।
विदेशी संगठनों और प्रदर्शनों के बीच कनेक्शन का दावा
एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह बात सामने आई है कि नौ देशों में 101 ऐसे संगठन सक्रिय हैं जो प्रदर्शनों को आयोजित करने, उनमें तालमेल बिठाने या उन्हें बढ़ावा देने में शामिल हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि फ्रांस स्थित ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ और ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ जैसे संगठन भारत के आंतरिक राजनीतिक मामलों के नैरेटिव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने दावा किया कि फ्रांस, स्पेन, अल्बानिया और दिल्ली के विरोध-प्रदर्शन आपस में जुड़े हुए हैं और यह चुनी हुई सरकारों तथा संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देने की एक सुनियोजित कोशिश का हिस्सा हैं।
कांग्रेस पार्टी से फंडिंग और बैठकों पर जवाब की मांग
पार्टी ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल जैसे संगठनों के साथ हुई बैठकों में क्या चर्चा हुई थी और क्या कोई समझौता हुआ था। इसके साथ ही, इन संगठनों को मिलने वाली फंडिंग के स्रोतों और विदेशी संस्थाओं के साथ उनके संबंधों पर भी सफाई देने को कहा गया है। भाजपा ने जोर देकर कहा कि विरोध करना एक मौलिक अधिकार है, लेकिन तोड़फोड़ करना, संस्थाओं को नष्ट करना, आगजनी करना और हिंसक प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार नहीं हैं।

