केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा को एक नई एडवाइजरी जारी की है। इस निर्देश के तहत मेटा से अपने रिकमेंडेशन सिस्टम और कंटेंट प्रमोशन प्रणाली में आवश्यक सुधार करने को कहा गया है, ताकि उपयोगकर्ताओं को केवल एकतरफा विचारों या सीमित विचारधारा वाली सामग्री का ही सामना बार-बार न करना पड़े।
भ्रामक सामग्री और गलत संदर्भ पर रोक
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी की गई इस सलाह में भ्रामक सामग्री पर कड़ी निगरानी रखने और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली पोस्ट के खिलाफ तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय ने मेटा से यह भी अपेक्षा की है कि घटनाओं से जुड़े फोटो, वीडियो और ग्राफिक्स के साथ सही और पर्याप्त संदर्भ जोड़ा जाए, विशेषकर तब जब उनकी प्रामाणिकता, तारीख या स्थान की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न हो।
सरकार ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की है कि पुराने वीडियो को हालिया घटनाओं के रूप में प्रसारित किया जा रहा है, भ्रामक दावे किए जा रहे हैं और दृश्यों को चुनिंदा तरीके से संपादित करके फैलाया जा रहा है।
रैंकिंग सिस्टम की समीक्षा और सुरक्षा उपाय
जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, मेटा को अपने कंटेंट रैंकिंग और रिकमेंडेशन सिस्टम की गहराई से समीक्षा करने की जरूरत है। इसके साथ ही, हिंसा को बढ़ावा देने वाली या गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ी सामग्री की पहचान के लिए निगरानी तंत्र को अधिक मजबूत बनाने को कहा गया है। सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के प्रावधानों के तहत कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समय पर और बेहतर सहयोग करने की बात भी इस एडवाइजरी में कही गई है।

