छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के परिसर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां चौथी कक्षा के एक छात्र की झूले की रस्सी में गला फंसने से जान चली गई। हादसे के वक्त विद्यालय के भीतर स्टाफ का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित एक्शन लेते हुए दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है।
कैसे हुआ यह हादसा
मृतक छात्र की पहचान तरुण चौहान के रूप में हुई है, जो मुदिडीह स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता था। यह दुर्घटना शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे हुई, जबकि स्कूल का आधिकारिक समय सुबह 10 बजे से शुरू होता है। तरुण अन्य बच्चों के साथ स्कूल परिसर में खेल रहा था और झूले का इस्तेमाल कर रहा था। इसी दौरान उसकी गर्दन झूले की रस्सी में उलझ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
स्कूल स्टाफ की गैर-मौजूदगी
घटना के तुरंत बाद डरे हुए बच्चे स्कूल के भीतर किसी को खोजने दौड़े, लेकिन वहां एक भी शिक्षक उपस्थित नहीं था। इसके बाद कुछ स्थानीय महिलाएं मौके पर पहुंचीं और उन्होंने बच्चे को नीचे उतारने की कोशिश की, तब तक छात्र की सांसें थम चुकी थीं। भंवरपुर पुलिस चौकी की प्रभारी अंजना चंद्रा ने बताया कि पुलिस को इस घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने इस मामले में असामान्य मौत का केस दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन ने इस पूरी घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते स्कूल के हेडमास्टर रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक गुनितराम चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान दोनों को नियमानुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा और इस पूरे मामले की प्रशासनिक जांच भी की जाएगी।

