मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और अन्य चुनावी मुद्दों को लेकर INDI गठबंधन के सांसदों ने कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में नई दिल्ली में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी झड़प देखने को मिली, जिसके बाद कांग्रेस पार्टी ने आठ अक्टूबर को पूरे देश में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
विपक्षी सांसदों ने मध्य दिल्ली के एक रेस्तरां में बैठक के बाद जंतर-मंतर की ओर मार्च किया। मुख्य चुनाव आयोग के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और सभी प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया गया था। जंतर-मंतर पहुंचने पर पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कुछ देर बाद राहुल गांधी को रिहा कर दिया गया। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया।
विपक्ष के नेताओं के तीखे आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि वे ज्ञानेश कुमार को देश का वैध चुनाव आयुक्त नहीं मानते हैं क्योंकि चुनाव आयोग ने सांसदों से मिलने से इनकार कर दिया था। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्रूरता करार दिया। विपक्ष का कहना है कि सरकार और प्रशासन मिलकर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
8 अक्टूबर को देशव्यापी प्रदर्शन का निर्णय
पिछले दो दिनों से जारी प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस पार्टी ने बड़ा कदम उठाते हुए आठ अक्टूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और प्रशासनिक तंत्र को जवाबदेह ठहराएंगे।

