बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्नब अब और अधिक प्रचंड रूप ले चुका है, जिसका असर देश के कई राज्यों में देखने को मिलेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के मुताबिक, यह अति प्रचंड चक्रवाती तूफान बुधवार दोपहर को आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है, जिससे तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है।
तटीय राज्यों में हाई अलर्ट और बचाव तैयारियां
चक्रवात के तटीय क्षेत्र से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 150 से 170 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 31 टीमों को तैनात किया गया है। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम और काकीनाडा जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जबकि ओडिशा के प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। खराब मौसम के चलते कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश और मध्य भारत तक दिखेगा असर
इस चक्रवाती तूफान का प्रभाव केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी इसका असर दिखाई देगा। झारखंड के कई जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, 29 और 30 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
कृषि और परिवहन पर प्रभाव
इस बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंच सकता है, विशेषकर खरीफ फसलों की कटाई और भंडारण पर असर पड़ सकता है। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने भी विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम रेल मंडलों के करीब 600 किलोमीटर रेलमार्ग पर विशेष निगरानी और सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

