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चक्रवात अर्णब का असर: आंध्र प्रदेश और यानम तटों से टकराया तूफान, भारी बारिश के बीच जनजीवन प्रभावित

चक्रवात अर्णब का असर: आंध्र प्रदेश और यानम तटों से टकराया तूफान, भारी बारिश के बीच जनजीवन प्रभावित

भयंकर चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ ने बुधवार को आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों से टकराना शुरू कर दिया, जिसके चलते प्रभावित क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं दर्ज की गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इस तूफान के केंद्र में हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो झोंकों के साथ 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही है। इस खतरनाक मौसमी स्थिति को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में प्रशासन ने सुरक्षा और बचाव के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

रेल और उड़ान सेवाओं पर व्यापक असर

तूफान के कारण परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। रेल मंत्री ने जानकारी दी कि चक्रवात के प्रभाव से रेलवे नेटवर्क पर कई जगहों पर पेड़ गिर गए थे, जिन्हें राहत टीमों ने तुरंत हटाकर ट्रैक साफ किया। इसके अलावा खराब मौसम और तेज हवाओं के चलते कोलकाता और विशाखापत्तनम समेत कई हवाई अड्डों पर उड़ानों में फेरबदल करना पड़ा है और कुछ उड़ानें रद्द भी की गई हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति की जांच अवश्य कर लें।

तटीय राज्यों में सुरक्षा और राहत कार्य तेज

आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। ओडिशा के दक्षिणी जिलों में हाई अलर्ट जारी करते हुए 30,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और कई जिलों में स्कूल-आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं। आंध्र प्रदेश में भी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर अतिरिक्त एनडीआरएफ टीमों और नुकसान के आकलन के लिए केंद्रीय टीमों को भेजने का अनुरोध किया है। हालांकि, इस चक्रवाती तूफान के दौरान कुछ स्थानों पर करंट लगने से दो लोगों की जान जाने की दुखद खबर भी सामने आई है, जबकि स्थानीय प्रशासन नुकसान का आकलन कर राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

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