केरल के प्रख्यात लिवर विशेषज्ञ डॉ. साइरियक एबी फिलिप्स, जिन्हें ‘द लिवर डॉक’ के नाम से भी जाना जाता है, को प्रतिष्ठित 2026 जॉन मैडॉक्स प्राइज के लिए फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है। उन्हें दुनिया भर के उन आठ व्यक्तियों में शामिल किया गया है जिन्होंने भारी विरोध और चुनौतियों के बावजूद सार्वजनिक हित में विज्ञान और साक्ष्यों का समर्थन किया है।
जॉन मैडॉक्स प्राइज और इसका महत्व
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार वर्ष 2012 में वैज्ञानिक पत्रिका ‘नेचर’ के पूर्व संपादक और रॉयल सोसाइटी के फेलो सर जॉन मैडॉक्स की याद में शुरू किया गया था। इस वैश्विक पुरस्कार का आयोजन ‘सेंस अबाउट साइंस’ द्वारा किया जाता है और इसे ‘रॉयल सोसाइटी’ का समर्थन प्राप्त है। यह पुरस्कार उन लोगों को सम्मानित करता है जो विवादित मुद्दों पर साक्ष्य-आधारित सार्वजनिक चर्चा को बढ़ावा देते हैं और शक्तिशाली निहित स्वार्थों तथा बाधाओं का सामना करते हुए वैज्ञानिक सत्य के लिए खड़े होते हैं।
भारतीय उपमहाद्वीप से पहले फाइनलिस्ट
डॉ. साइरियक एबी फिलिप्स ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय उपमहाद्वीप से इस पुरस्कार के लिए चुने जाने वाले वे पहले व्यक्ति हैं। एर्नाकुलम जिले के कलास्सेरी स्थित राजीव गांधी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे इस डॉक्टर ने पारंपरिक और पूरक चिकित्सा पद्धतियों के संभावित नुकसानों के प्रति जागरूकता फैलाई है। उन्हें ऐसे समय में यह मान्यता मिली है जब छद्म विज्ञान और भ्रामक स्वास्थ्य दावों के खिलाफ आवाज उठाने पर व्यक्तिगत और पेशेवर जोखिम का सामना करना पड़ता है।
अन्य वैश्विक फाइनलिस्ट
इस वर्ष की सूची में विभिन्न देशों और वैज्ञानिक विषयों से जुड़े सात अन्य फाइनलिस्ट भी शामिल हैं। इनमें गाजा के सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सामर अबूजेर, यूनाइटेड किंगडम की प्रोफेसर सैली बैक्सेंडेल, बोलिविया की हाइड्रोलिक इंजीनियर डॉ. मोनिका गुज़मैन-रोज़ो, मैक्सिको की प्रोफेसर अल्मा क्रिस्टल हर्नांडेज़ मोंड्रैगॉन, फ्रांस के प्रोफेसर सेड्रिक लेमोग्ने, न्यूजीलैंड की नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. अर्ना मिशेल और अमेरिका के पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. सिद्धार्थ रॉय शामिल हैं।
इस पुरस्कार के विजेता की घोषणा आगामी 29 अक्टूबर को लंदन स्थित रॉयल सोसाइटी में की जाएगी। इस नामांकन को साक्ष्य-आधारित चिकित्सा और वैज्ञानिक अखंडता की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच माना जा रहा है।

