दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने एक नाबालिग के साथ बस में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बस के चालक और कंडक्टर के खिलाफ आरोप तय किए हैं। यह गंभीर घटना ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट आ रही एक बस के भीतर घटी थी, जहां एक 17 वर्षीय किशोर को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया गया।
अदालत का आदेश और धाराएं
विशेष न्यायाधीश सोनम गुप्ता (पोक्सो अदालत) ने इस मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों पर पोक्सो अधिनियम की धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आरोप तय किए हैं। अदालत ने मामले की अगली प्रक्रिया के रूप में पीड़िता का बयान दर्ज करने की तिथि 24 अक्टूबर तय की है। जिन आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है, उनमें बस चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप शामिल हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद अदालत ने 29 सितंबर को इसका संज्ञान लिया था।
घटना का विवरण और पुलिस जांच
जांच के दौरान सामने आया कि यह घटना 4 अगस्त को हुई थी, जब बस के कंडक्टर ने पीड़िता के साथ अभद्र व्यवहार किया था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने पीड़ित को आईएसबीटी कश्मीरी गेट के पास बस से नीचे उतार दिया था। दिल्ली पुलिस ने इस सिलसिले में कश्मीरी गेट मेट्रो पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से बस की पहचान की और उसे तिमारपुर के एक पार्किंग स्थल से बरामद करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस चार्जशीट में करीब 50 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं।

