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दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 18 करोड़ से अधिक की ठगी के आरोप में एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 18 करोड़ से अधिक की ठगी के आरोप में एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने सरकारी अनुबंध दिलाने का झांसा देकर व्यापारियों के साथ बड़ी ठगी करने वाले एक व्यक्ति को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर जाली पत्रों और भुगतान दस्तावेजों का उपयोग करके 18 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है।

मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन से हुई गिरफ्तारी

EOW द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी को 1 अक्टूबर को मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से पकड़ा गया। जांच के बाद अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ लेखा अधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

जाली दस्तावेजों के जरिए दिया धोखाधड़ी को अंजाम

जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी ने सरकारी विभागों के नाम पर जाली अनुमोदन पत्र, कोषागार दस्तावेज और भुगतान रिकॉर्ड तैयार किए थे। इन फर्जी कागजातों के जरिए लगभग 18.62 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े दस्तावेजों का उपयोग किया गया था। संबंधित विभागों से सत्यापन करने पर ये सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिससे समय रहते सरकारी फंड जारी होने से बच गया। आरोपी व्यापारियों और वित्तीय संस्थानों को यह विश्वास दिलाने के लिए रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े फर्जी आपूर्ति आदेशों का भी इस्तेमाल करता था कि असली सरकारी कामकाज चल रहा है।

अन्य मामलों की भी हो रही है जांच

अहमदाबाद के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई एक अन्य शिकायत में भी इस आरोपी का नाम सामने आया है, जिसमें करीब 3.12 करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान का आरोप है। लगातार समन मिलने के बाद भी जांच में शामिल न होने पर आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। तकनीकी निगरानी और रेलवे सुरक्षा बल के समन्वय से पुलिस ने उसे दबोच लिया। अब पुलिस इस मामले में उसके सहयोगियों, अन्य पीड़ितों और जाली दस्तावेजों के स्रोत की गहराई से जांच कर रही है।

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