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दुनियाभर में क्यों मुखर हो रही है Gen Z? नेपाल से केन्या तक एक जैसी है युवाओं की मांगें

दुनियाभर में क्यों मुखर हो रही है Gen Z? नेपाल से केन्या तक एक जैसी है युवाओं की मांगें

आज के दौर में दुनिया भर की राजनीति और व्यवस्था को चुनौती देती नई पीढ़ी यानी जेन ज़ी (Gen Z) का गुस्सा तेजी से सामने आ रहा है। नेपाल से लेकर केन्या, बांग्लादेश और भारत तक युवा अपनी आवाज उठाने के लिए केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल नेटवर्क के जरिए गोलबंद हो रहे हैं।

कौन हैं जेन ज़ी और क्या है उनका मिजाज?

जेन ज़ी उन लोगों की पीढ़ी है जिनका जन्म साल 1997 से 2012 के बीच हुआ है। इन्हें ‘डिजिटल नेटिव्स’ कहा जाता है क्योंकि ये इंटरनेट और स्मार्टफोन के युग में पले-बढ़े हैं। यह पीढ़ी पारंपरिक नौकरियों के बजाय स्टार्टअप्स, फ्रीलांसिंग और वर्क-लाइफ बैलेंस को प्राथमिकता देती है और व्यवस्था के आगे झुकने के बजाय सीधे सवाल पूछने में विश्वास रखती है।

विभिन्न देशों में युवाओं के प्रदर्शन और मुख्य मुद्दे

भले ही अलग-अलग देशों में स्थानीय मुद्दे अलग हों, लेकिन युवाओं का गुस्सा और विरोध के तरीके काफी हद तक समान हैं:

डिजिटल नाराजगी और सड़कों पर असर

इन सभी आंदोलनों की शुरुआत अक्सर सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग हैशटैग या वीडियो से होती है, जो बाद में सड़कों पर बड़े जनआंदोलन का रूप ले लेती है। काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के विश्लेषण के अनुसार, इन विरोध प्रदर्शनों में भ्रष्टाचार, रोजगार की कमी, शिक्षा की स्थिति और राजनीतिक व्यवस्था से मोहभंग जैसी शिकायतें प्रमुखता से सामने आई हैं। आज के युवा केवल वादों पर भरोसा नहीं करते, बल्कि वे अपनी समस्याओं के ठोस और तत्काल नतीजे चाहते हैं।

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