गार्डन रिच शिपबिल्डर एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे चार नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) में से तीसरे पोत को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इस नए युद्धपोत का नाम ‘श्रेयस’ रखा गया है, जिसे कोलकाता स्थित शिपयार्ड में पारंपरिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पानी में उतारा गया। यह लॉन्चिंग इस परियोजना के तहत पांच महीने से भी कम समय में तीसरा पोत उतारे जाने का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
श्रेयस पोत की लॉन्चिंग और विशेषताएं
इस तीसरे पोत ‘श्रेयस’ का औपचारिक अनावरण नौसेना स्टाफ के वाइस चीफ वाइस एडमिरल अजय कोचर की पत्नी रेमैन कोचर द्वारा किया गया। इस अवसर पर वाइस एडमिरल अजय कोचर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस श्रृंखला का दूसरा पोत ‘श्रुति’ इससे दो महीने से भी कम समय पहले लॉन्च किया गया था, जबकि पहला पोत ‘संघमित्रा’ इसी वर्ष 20 मई को लॉन्च किया गया था।
ये नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल पहले बनाए गए गश्ती पोतों की तुलना में काफी बड़े और अधिक उन्नत हैं। इनकी लंबाई लगभग 113 मीटर और चौड़ाई 14.6 मीटर है। इन जहाजों का विस्थापन 3,000 टन है और ये 23 समुद्री मील तक की गति प्राप्त करने में सक्षम हैं। इनकी सहनशक्ति 14 समुद्री मील की गति से क्रूजिंग करते समय 8,500 नॉटिकल मील की है।
विभिन्न समुद्री अभियानों में होगी तैनाती
इन आधुनिक युद्धपोतों को व्यापक प्रकार के समुद्री अभियानों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। ये जहाज तटीय और अपतटीय संपत्ति की सुरक्षा, समुद्री अवरोधन, निगरानी, खान युद्ध और विशेष अभियानों को अंजाम देंगे। इसके अलावा, इन्हें आपदा राहत, मानवीय सहायता, खोज और बचाव अभियानों, तथा एंटी-पायरेसी मिशनों में भी तैनात किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और जीआरएसई के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वाइस एडमिरल अजय कोचर ने पांच महीने के भीतर तीन अत्याधुनिक गश्ती जहाजों को लॉन्च करने के लिए जीआरएसई की तेज कार्यशैली और स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं की सराहना की।

