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युवा आईपीएस अधिकारियों को आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह

युवा आईपीएस अधिकारियों को आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह

केंद्रीय गृह मंत्री ने हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आयोजित पासिंग-आउट परेड के दौरान युवा आईपीएस अधिकारियों को देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों से अपने पद को रुतबे की बजाय एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखने और पब्लिसिटी से दूर रहकर अपने काम के जरिए परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

अकादमी में 78वें बैच के नियमित रंगरूटों की पासिंग-आउट परेड के अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव ने उनका संदेश पढ़कर सुनाया। संदेश में कहा गया कि पुलिस अधिकारियों की असली ताकत उनकी विनम्रता, संयम और संविधान के प्रति अटूट निष्ठा है। आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति को बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखने की बात पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा, सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने में तकनीक और निगरानी प्रणालियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।

नए कानूनों और आधुनिक तकनीक पर जोर

समारोह के दौरान नए आपराधिक न्याय कानूनों की भावना को जमीनी स्तर पर लागू करने और आधुनिक तकनीक तथा फॉरेंसिक विज्ञान का उपयोग करके जांच प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया। हैदराबाद की इस अकादमी में कुल 151 अधिकारी प्रशिक्षुओं ने पासिंग-आउट परेड में हिस्सा लिया, जिनमें 37 महिला अधिकारी भी शामिल थीं। इस समूह में 135 आईपीएस अधिकारी और नेपाल, भूटान तथा मालदीव के 16 अधिकारी भी शामिल रहे।

भविष्य की प्रमुख चुनौतियां और समाधान

समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे अधिकारियों ने भविष्य में पुलिस बल के सामने आने वाली पांच प्रमुख चुनौतियों का जिक्र किया। इनमें नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करना और ‘नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य की ओर काम करना शामिल है। साथ ही साइबर अपराधों, फर्जी सिम कार्डों और धोखाधड़ी से निपटने के लिए राज्यों के स्तर पर प्रभावी उपाय करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत तकनीक के बढ़ते उपयोग को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनिवार्य बताया गया।

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