जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में कांग्रेस सांसद और पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर महिला छात्रों द्वारा यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इस मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ रही है और जेएनयू परिसर स्थित सांसद के आवास के बाहर आधिकारिक नोटिस चस्पा किया गया है। यह कार्रवाई ग्यारह छात्राओं की शिकायतों और एफआईआर दर्ज होने के बाद की गई है।
एबीवीपी का जोरदार प्रदर्शन और पुतला दहन
इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जेएनयू इकाई ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए उनका पुतला फूंका और पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए तुरंत गिरफ्तारी की मांग उठाई।
राजनीतिक नारों और दोहरे मानदंडों पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी नेताओं ने कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नारों पर निशाना साधा। संगठन ने आरोप लगाया कि जब मामला पार्टी के किसी सांसद या पदाधिकारी से जुड़ा होता है, तो पार्टी की तरफ से चुप्पी साध ली जाती है, जो उनके दोहरे मानदंडों को उजागर करता है। नेताओं का कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा को केवल चुनावी भाषणों और नारों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
आंतरिक समिति की जांच और बर्खास्तगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जेएनयू की छात्राओं की शिकायतों पर एक आंतरिक समिति द्वारा जांच की गई थी, जिसके बाद अकोइजम को उनकी नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया और इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। एबीवीपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की राजनीतिक स्थिति या प्रभाव को कानून के शिकंजे से बचने का आधार नहीं बनाया जा सकता है। छात्र सुरक्षा और गरिमा किसी भी राजनीतिक दल की छवि से अधिक महत्वपूर्ण है।

