राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी बात रखी है। राजसमंद से सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ और चित्तौड़गढ़ से सांसद सीपी जोशी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भारत का रुख स्पष्ट किया।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को करारा जवाब
राजसमंद की सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति के दौरान ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ का उपयोग करते हुए पाकिस्तान को जवाब दिया। उन्होंने उपनिवेशवाद के एजेंडे पर पाकिस्तानी प्रतिनिधि के बयान का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पाकिस्तान वैश्विक मंच का इस्तेमाल भ्रामक तथ्य फैलाने के लिए कर रहा है। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हिन्दी भाषा की वैश्विक पहचान पर जोर
चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित हिंदी दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे हिंदी दुनिया भर में अपनी पहचान बना रही है।
उन्होंने कहा कि भारत की 22 संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त भाषाएं और अनगिनत बोलियां देश की सामूहिक ताकत और विरासत हैं। हिंदी विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के बीच संवाद का एक मजबूत सेतु का काम करती है। मातृभाषा का सम्मान करना और भारतीय भाषाओं के बीच के आपसी बंधनों को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
क्षेत्र में खुशी की लहर
मेवाड़ के इन दोनों सांसदों की इस वैश्विक मंच पर हुई उपस्थिति और प्रभावी प्रस्तुति से स्थानीय स्तर पर गर्व महसूस किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि को मेवाड़ के इतिहास और परंपरा के अनुकूल बताया है, जिससे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।

