आगामी चार से पांच महीनों के भीतर मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अपने फोन के रिचार्ज के लिए अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है। एक हालिया शोध रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार क्षेत्र में रिचार्ज प्लान की कीमतों में 12 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
क्यों बढ़ सकती हैं कीमतें?
सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दूरसंचार उद्योग में कंपनियों की संख्या कम होने के कारण अब मूल्य निर्धारण का माहौल अधिक अनुकूल हो गया है। इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान प्रमुख दूरसंचार कंपनियों जैसे भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के औसत राजस्व प्रति ग्राहक में भी सुधार की उम्मीद है।
इस संभावित वृद्धि के पीछे कई मुख्य कारण बताए गए हैं, जिनमें ग्राहकों का 2जी नेटवर्क से निकलकर 4जी और 5जी सेवाओं की ओर रुख करना, पोस्टपेड उपयोगकर्ताओं की संख्या में इजाफा होना और तिमाही में दिनों की अधिक संख्या शामिल है।
बाजार हिस्सेदारी और नेटवर्क विस्तार
रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि इस तिमाही के दौरान प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी जारी रह सकती है। इस अवधि में रिलायंस जियो के साथ लाखों नए ग्राहक जुड़ने की संभावना है, जबकि एयरटेल और वोडाफोन आइडिया भी अपने उपभोक्ता आधार को मजबूत कर रही हैं।
देश में 5जी सेवाओं के विस्तार की बात करें तो रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने 95 प्रतिशत से अधिक जिलों तक अपनी पहुंच बना ली है। वहीं, वोडाफोन आइडिया का 5जी नेटवर्क भी लगभग 200 शहरों में फैल चुका है और कंपनी अपने नेटवर्क कवरेज को लगातार बढ़ाने में जुटी हुई है।

