नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अपने एक परिवीक्षाधीन अधिकारी को सेवा के लिए अनुपयुक्त और असंतोषजनक आचरण का दोषी मानते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच करने वाली इस प्रमुख केंद्रीय एजेंसी द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के बाद मामले में प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, जिसमें अदालत ने भी एजेंसी के पक्ष को सही माना है।
कनिष्ठ खुफिया अधिकारी पर की गई कार्रवाई
बर्खास्त किए गए अधिकारी की पहचान 29 वर्षीय कनिष्ठ खुफिया अधिकारी विशाल कुंडारा के रूप में की गई है। वह अक्टूबर 2023 में इस केंद्रीय एजेंसी में शामिल हुए थे और उनकी नौकरी के अभी तीन साल भी पूरे नहीं हुए थे। अपनी सेवा के दौरान उनकी पहली तैनाती चेन्नई में की गई थी। हालांकि, उनके कामकाज और आचरण पर गौर करने के बाद एजेंसी ने प्रशासनिक स्तर पर उनके स्थानांतरण का निर्णय लिया। इसके तहत उन्हें पहले एनसीबी के गुवाहाटी जोनल कार्यालय में स्थानांतरित किया गया और उसके बाद नगालैंड के दीमापुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था, जहां उनके कार्यशैली की निगरानी की जाती रही।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) का निर्णय
अपनी सेवा समाप्ति के आदेश को चुनौती देते हुए अधिकारी विशाल कुंडारा ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की गुवाहाटी पीठ का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपनी याचिका के माध्यम से एजेंसी द्वारा जारी किए गए सेवा समाप्ति के आदेश को पूरी तरह से रद्द करने और अपनी पुरानी नौकरी पर बहाली की मांग की थी। सितंबर के अंतिम सप्ताह में सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने अपने विस्तृत आदेश में यह स्पष्ट किया कि अधिकारी के खिलाफ उठाया गया यह कदम किसी भी प्रकार से अनुचित नहीं था। ट्रिब्यूनल की राय थी कि यह विवादित सेवा समाप्ति आदेश संबंधित अधिकारी के कामकाज, समग्र आचरण और सरकारी सेवा के लिए उसकी उपयुक्तता का उचित और निष्पक्ष आकलन करने के बाद ही जारी किया गया था। अधिकरण ने इस पूरी कार्रवाई को कानूनी रूप से वैध और लागू नियमों के पूरी तरह अनुरूप करार दिया है।

