ओम प्रकाश माथुर ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम के लोक भवन ऑडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में केरल के 29वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जारी नियुक्ति आदेश के पठन के साथ हुई। माथुर ने हिंदी भाषा में पद की शपथ ली। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन, कई मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पदभार संभालने से पहले नए राज्यपाल ने प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के दर्शन भी किए।
पिछला राजनीतिक सफर
राजस्थान के पाली जिले के बाली तहसील के बेदल गांव से ताल्लुक रखने वाले ओम प्रकाश माथुर ने वर्ष 1972 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद वह सक्रिय राजनीति में आए और भारतीय जनता पार्टी में कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के अलावा राज्यसभा सांसद की जिम्मेदारी भी निभाई है। केरल का राज्यपाल बनने से पूर्व वह सिक्किम के राज्यपाल के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
पूर्व राज्यपाल को दी गई विदाई
ओम प्रकाश माथुर ने राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर का स्थान लिया है, जिन्हें हालिया बदलावों के तहत तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार की ओर से पूर्व राज्यपाल अर्लेकर के सम्मान में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने उनके कार्यकाल और सरकार के साथ उनके संबंधों को याद किया।

