Site icon Memoirs Publishing

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का मार्च, राहुल और प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का मार्च, राहुल और प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग और कथित वोट चोरी के विरोध में INDI गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग तक एक मार्च निकाला। इस दौरान भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के बीच विपक्षी नेताओं को रोक लिया गया, जिसके बाद दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई।

संसद मार्ग पर रोका गया विपक्षी मार्च

मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसद संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि, संसद मार्ग पर आकाशवाणी भवन के पास पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोक दिया। इस प्रदर्शन में विभिन्न विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए, और खास बात यह रही कि बीजू जनता दल ने भी पहली बार इस तरह के विपक्षी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए कई सांसदों को हिरासत में ले लिया और बसों में बिठाकर वहां से हटाया।

आकाशवाणी भवन परिसर में राहुल और प्रियंका का धरना

विपक्षी सांसदों को रोके जाने और हिरासत में लिए जाने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सुरक्षा घेरे को पार करते हुए आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर पहुंच गए। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य पार्टी नेता भी धरने पर बैठ गए। यह धरना करीब आठ घंटे तक चला। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कई बार वहां से हटने का अनुरोध किया, लेकिन नेता अपनी मांग पर अड़े रहे।

हिरासत और रिहा किए जाने की प्रक्रिया

रात के समय स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को आकाशवाणी परिसर से हिरासत में ले लिया। उन्हें किंग्सवे कैंप ले जाया गया और करीब दो घंटे तक हिरासत में रखने के बाद रात दस बजे के बाद सभी को रिहा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में जुटे रहे जिन्हें सुरक्षा बलों ने नियंत्रित किया।

Exit mobile version