प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवैधानिक पद पर अपने 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस सफर की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को हुई थी जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और साल 2014 से वह देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस खास अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा देश भर में जन-सेवा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें सेवा संकल्प अभियान भी शामिल है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस यात्रा को सेवा और सुशासन का अनूठा संगम बताया है। पाटिल ने प्रधानमंत्री के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि एक साधारण परिवार से आने के बाद भी उनका मुख्य उद्देश्य हमेशा जनसेवा ही रहा है। गुजरात के दिनों से ही उनके साथ काम कर रहे पाटिल ने कहा कि वहां की योजनाओं के अनुभव ने उन्हें आम जनता की समस्याओं को गहराई से समझने और उनके समाधान खोजने में मदद की।
योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य स्तर पर बड़ा बदलाव सिर्फ नई योजनाओं की घोषणा करने में नहीं, बल्कि उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा करने में रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को यह सिखाया है कि किस तरह से योजनाओं को समय पर लागू किया जा सकता है। उन्होंने जनधन योजना, नल कनेक्शन और शौचालय निर्माण जैसी बुनियादी सुविधाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि इन पहलों से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंची है और बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है।
विकसित भारत 2047 का रोडमैप
वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर बात करते हुए पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री के पिछले 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन ने इस दीर्घकालिक उद्देश्य की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने कहा कि आज देशवासियों को यह पूरा भरोसा है कि सरकार की मजबूत कार्यशैली और समयबद्ध योजनाओं के क्रियान्वयन के बल पर भारत इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेगा।

