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पंजाब में शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशाल चार्जशीट दाखिल

पंजाब में शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशाल चार्जशीट दाखिल

पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के एक बड़े मामले में लगभग 40,000 पृष्ठों की एक पूरक चार्जशीट दाखिल की है। यह कानूनी कार्रवाई मोहाली की एक विशेष अदालत में पूरी की गई है, जिसे आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले एक अहम कदम माना जा रहा है। बिक्रम सिंह मजीठिया शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह Badal के बहनोई हैं।

आय से अधिक संपत्ति का विवरण और कानूनी धाराएं

सतर्कता ब्यूरो द्वारा मोहाली अदालत में सौंपी गई इस चार्जशीट में कुल 719.72 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब 25 जून 2025 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत मजीठिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। यह जांच मुख्य रूप से वर्ष 2007 से 2017 के बीच कथित तौर पर अर्जित की गई आय से अधिक संपत्ति से संबंधित है, जिसमें ब्यूरो द्वारा विभिन्न स्थानों पर की गई छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज और संपत्तियों के विवरण को शामिल किया गया है।

अन्य व्यक्तियों और कंपनियों के नाम शामिल

चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब के जनरल സെക്രട്ടറി और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने इस विकासक्रम पर अपनी बात रखी। उन्होंने जानकारी दी कि इस पूरक चार्जशीट में कई अन्य लोगों और व्यावसायिक संस्थाओं को भी नामजद किया गया है। अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों में गुरमेहर सिंह, मजीठिया के बहनोई गज्पत सिंह ग्रेवाल, हरप्रीत गुलटी, अमरदीप सिंह के साथ-साथ कुल 10 कंपनियों को भी शामिल किया गया है, जिससे इस वित्तीय जांच के दायरे का दायरा और बढ़ गया है।

जांच के शुरुआती बिंदु और अदालत की कार्यवाही

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बलतेज पन्नू ने यह भी बताया कि मजीठिया के खिलाफ जांच की शुरुआत ड्रग रैकेट के आरोपी जगदिश भोला द्वारा उनका नाम लिए जाने के बाद हुई थी। इसके बाद इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच भी शुरू की गई थी, जो आगे नहीं बढ़ पाई थी। सतर्कता ब्यूरो ने इससे पहले 1 नवंबर 2025 को इस मामले में एक चार्जशीट दायर की थी, और अब जांच से जुड़ी अंतिम चार्जशीट अदालत को सौंप दी गई है। हालांकि, इन संपत्तियों के मूल्यांकन और जांच में सामने आए तथ्यों का अंतिम परिणाम अदालत की कार्यवाही के दौरान ही तय होगा। मजीठिया के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप अभी तक किसी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

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