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राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घोषणा की है कि विपक्षी दलों, सिविल सोसाइटी समूहों और युवाओं का एक मार्च सुप्रीम कोर्ट तक निकाला जाएगा। इस मार्च के माध्यम से भारत के प्रधान न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, वोट चोरी रोकने और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण पर रोक लगाने की मांग की जाएगी।

मार्च को लेकर राहुल गांधी का बयान

सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सभी लोग पार्टी, लिंग, जाति और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होकर इस मार्च में शामिल होंगे। उन्होंने युवाओं पर हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई जा रही है और देश की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बने हुए हैं और सरकार विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है तथा युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट बार के पूर्व अध्यक्ष की अपील

दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के पूर्व अध्यक्ष आदिश सी. अग्रवाल ने इस प्रस्तावित मार्च को रद्द करने की अपील की है। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजनों से न्यायपालिका पर अनुचित राजनीतिक दबाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मुख्य न्यायाधीश के पास प्रशासनिक क्षमता में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को इस्तीफा देने या हटाने का निर्देश देने का कोई अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग के कार्यों की वैधता से जुड़ी किसी भी शिकायत को राजनीतिक ज्ञापन के माध्यम से उठाने के बजाय उचित पीठ के समक्ष न्यायिक कार्यवाही के जरिए ही उठाया जाना चाहिए, और सीजेआई के कार्यालय को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए।

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