राँची के एक उच्च शिक्षण संस्थान के हॉस्टल में पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक महिला इंटर्न के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
शुरुआती शिकायत और मामला ट्रांसफर
युवती की शिकायत के आधार पर सबसे पहले पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद इस मामले को झारखंड के कांके पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया, क्योंकि कथित घटना वहीं के अधिकार क्षेत्र में हुई थी। मुख्यालय डीएसपी-1 अमर कुमार पांडेय ने जानकारी दी कि जीरो एफआईआर को अब राँची में औपचारिक एफआईआर में बदल दिया गया है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
घटना का विवरण और हॉस्टल का वाकया
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 28 जून 2026 की रात को हुई थी। पीड़िता संस्थान में इंटर्न के रूप में कार्यरत थी। शिकायत में बताया गया है कि रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच वह सीखने के उद्देश्य से आरोपी छात्र के कमरे में गई थी। हॉस्टल में छात्रों के एक-दूसरे के कमरे में जाने पर कोई विशेष पाबंदी नहीं थी। बातचीत के दौरान पीड़िता को चक्कर आने लगे और आरोपी द्वारा दिए गए स्टील की बोतल का पानी पीने के बाद उसकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई।
आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसे बिस्तर पर आराम करने के लिए कहा और दरवाजा बंद कर उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने यह भी बताया कि जब उसने चिल्लाने की कोशिश की, तो उसका मुंह जबरन बंद कर दिया गया। घटना के बाद पीड़िता गहरे सदमे में थी और उसने 2 सितंबर 2026 को नरेंद्रपुर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस उप-निरीक्षक गंगाधर सिंह को इस मामले की जांच सौंपी गई है और आरोपी छात्र की संलिप्तता की जांच की जा रही है।

