सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले या गंभीर रूप से घायल होने वाले व्यक्तियों के परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई अंतरिम मुआवजा योजना लागू की है। इस योजना के तहत हादसे में मृत व्यक्ति के आश्रितों को दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस योजना के लागू होने की जानकारी दी।
योजना और मुआवजे की प्रक्रिया
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई यह योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत आने वाले इन मामलों में अंतरिम मुआवजा ट्रिब्युनल के माध्यम से दिलाया जाएगा, जिसके लिए मुआवजा दावा लंबित होना आवश्यक है। जब मामले में अंतिम फैसला आएगा और अंतिम मुआवजा तय होगा, तब इस अंतरिम राशि को उसमें समायोजित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, आवेदन के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।
गैर-बीमित वाहनों को शामिल करने पर विचार का निर्देश
वर्तमान में यह योजना मुख्य रूप से बीमित वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर लागू होती है। हालांकि, इस मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया है कि वह गैर-बीमित वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को भी इस दायरे में लाने पर विचार करे, ताकि वाहन मालिक की जिम्मेदारी तय करते हुए पीड़ितों को सहायता मिल सके। अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि इस योजना का व्यापक प्रसार हो ताकि आम जनता और ट्रिब्युनलों को इसकी पूरी जानकारी मिल सके।
दिल्ली में सड़क पार करने की व्यवस्था पर निर्देश
एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह आगामी 25 नवंबर तक दिल्ली चिड़ियाघर के सामने से हाई कोर्ट जाने वाले राहगीरों के लिए सड़क पार करने की सुरक्षित और उचित व्यवस्था सुनिश्चित करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय तक यह कार्य पूरा नहीं होता है तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। पहले भी इस मार्ग पर सुरक्षित आवाजाही के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं।

