मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में शिवसेना (यूबीटी) द्वारा आयोजित वार्षिक दशहरा रैली के दौरान पार्टी के नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखे हमले किए। इस दौरान सांसद संजय राउत और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्य की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हालात को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए। रैली में उमड़ी भीड़ के बीच नेताओं के बयानों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।
संजय राउत के तीखे बोल और भविष्यवाणियां
रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जुहू में हुए हमले का जिक्र करते हुए गृह मंत्री को लेकर एक बेहद कड़ा बयान दिया। राउत ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है और प्रशासनिक मशीनरी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े होते हैं।
इसके अलावा, संजय राउत ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि अगले दशहरा तक पार्टी का आधिकारिक चुनाव चिह्न, यानी ‘धनुष और बाण’, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के पास वापस लौट आएगा। उन्होंने यह भी एक बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में केंद्र की मौजूदा सरकार गिर सकती है और उन्होंने इस दौरान अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर भी अपनी बात रखी। राउत ने न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामलों का भी अपने संबोधन में उल्लेख किया।
उद्धव ठाकरे का राज्य और केंद्र सरकार पर हमला
रैली के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के समय में सत्ता पक्ष के नियंत्रण के कारण आम नागरिक के लिए न्याय के सभी रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अदालतों, पुलिस और प्रशासन के दरवाजे खटखटाने के बावजूद जब आम जनता को न्याय नहीं मिलता और वह सड़कों पर उतरती है, तो सरकार उन्हें तुरंत अलग-अलग नामों से पुकारने लगती है।
उद्धव ठाकरे ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले का विशेष रूप से उल्लेख किया और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि हमलावर हथियारों के साथ इतनी आसानी से कैसे पहुंच गए और पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। ठाकरे ने कहा कि मौजूदा समय में पुलिस और अन्य संस्थान केवल सत्ताधारी दल के इशारों पर काम करने वाले बनकर रह गए हैं, जिससे राज्य में सुरक्षा का माहौल कमजोर हो रहा है।
राजनीतिक हलचल और आगे की राह
मुंबई में हुई इस दशहरा रैली के माध्यम से शिवसेना (यूबीटी) ने आगामी राजनीतिक रणनीतियों और अपनी भविष्य की तैयारियों का स्पष्ट संकेत दिया है। पार्टी नेताओं ने जिस प्रकार से राज्य की मौजूदा व्यवस्था, सुरक्षा चूक और केंद्र सरकार की नीतियों पर खुलकर प्रहार किया है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ने वाला है। राउत और ठाकरे दोनों ने ही जनता के बीच अपनी आवाज बुलंद करते हुए सरकार की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया है।

