दिल्ली में 17 वर्षीय किशोरी के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद राजधानी की सड़कों पर उतरीं छात्राओं के विरोध प्रदर्शनों पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे नारों और प्रदर्शनों को लेकर उन्होंने समाज के समक्ष गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
वायरल नारों और मौजूदा हालातों पर प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से वायरल हो रहे नारों का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे हालात क्यों पैदा हो गए हैं कि देश की बेटियों को अपनी सुरक्षा को लेकर इस प्रकार के नारे लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर समाज के सभी वर्गों को गहराई से विचार करने की आवश्यकता है ताकि व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।
बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का आह्वान
शिवराज सिंह चौहान ने समाज से एक सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बहनों और बेटियों का सम्मान, उनकी पूर्ण सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रदर्शन और प्रशासनिक कदम
राजधानी के आस्था कुंज पार्क के पास हुई इस घटना के विरोध में लेडी श्रीराम कॉलेज, मिरांडा हाउस, गार्गी कॉलेज और आंबेडकर विश्वविद्यालय समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान विभिन्न रचनात्मक और तुकबंदी वाले नारे सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं। बढ़ते दबाव के बीच संबंधित विभागों ने सार्वजनिक पार्कों का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है, जिसमें पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा गार्डों की तैनाती और रात्रि गश्त पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सभी आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।

