Site icon Memoirs Publishing

अल्मोड़ा की बेटी श्रद्धा जोशी का BAMS डॉक्टर से IRS कमिश्नर बनने तक का सफर

अल्मोड़ा की बेटी श्रद्धा जोशी का BAMS डॉक्टर से IRS कमिश्नर बनने तक का सफर

उत्तराखंड के पहाड़ों से ताल्लुक रखने वाली श्रद्धा जोशी ने चिकित्सा पेशे से लेकर भारतीय राजस्व सेवा (IRS) तक का प्रेरणादायक सफर तय किया है। उनका यह सफर दिखाता है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

शुरुआती जीवन और शिक्षा

श्रद्धा जोशी का जन्म 5 मार्च 1979 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में हुआ था। उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर थे, इसलिए वे भी चाहते थे कि श्रद्धा डॉक्टर बनें। अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान वह एक बेहद मेधावी छात्रा थीं और उन्होंने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में स्टेट मेरिट में 13वीं रैंक हासिल की थी। माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी से बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) की डिग्री प्राप्त की। डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने उत्तराखंड के एक अस्पताल में बतौर डॉक्टर अपनी सेवाएं भी दीं।

सिविल सेवा की ओर रुझान

अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के दौरान श्रद्धा को महसूस हुआ कि उनका झुकाव प्रशासनिक सेवाओं की तरफ है। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए वह दिल्ली के मुखर्जी नगर पहुंच गईं। वहां एक सिविल सेवा कोचिंग संस्थान के दौरान उनकी मुलाकात मनोज कुमार शर्मा से हुई। कठिन परिस्थितियों और शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने न केवल अपनी पढ़ाई जारी रखी, बल्कि हर कदम पर एक-दूसरे का संबल बने रहे।

PCS से IRS तक का सफर

वर्ष 2005 में प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद श्रद्धा जोशी की नियुक्ति उत्तराखंड में डिप्टी कलेक्टर के रूप में हुई। इसके बाद उन्होंने साल 2007 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 121 हासिल की और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में चुनी गईं। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और आज वह देश के युवाओं के लिए एक मिसाल हैं।

Exit mobile version