सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के कामकाज और बिहार में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई फिलहाल टाल दी है। अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली, कथित फैसलों और फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर दाखिल मामलों में यह कदम उठाया है। इस मामले की अगली सुनवाई दिवाली की छुट्टियों के बाद 17 नवंबर के आसपास होने की संभावना जताई गई है।
याचिकाकर्ताओं को मिला जवाब देने का समय
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि चुनाव आयोग का हलफनामा सुनवाई से ठीक एक रात पहले मिला था, जिसके कारण उसका जवाब तैयार करने के लिए वक्त की जरूरत है। इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सर्वोच्च अदालत ने याचिकाकर्ताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय प्रदान किया है।
चुनाव आयोग का पक्ष और नया विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त और आयोग के अन्य फैसलों के विरोध में दायर याचिकाओं के जवाब में चुनाव आयोग ने अपना विस्तृत हलफनामा दाखिल किया है। आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया का समर्थन करते हुए दावा किया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। इसके साथ ही, राज्यसभा सांसद डोला सेन द्वारा दायर एक नई याचिका पर भी अदालत ने चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
विपक्षी दलों की मांगें
सर्वोच्च अदालत में दायर इन याचिकाओं में लोकसभा में विपक्ष के नेता और इंडी गठबंधन के नेताओं की याचिकाएं भी शामिल हैं। इन याचिकाओं के माध्यम से चुनाव आयोग के कामकाज में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है और मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित किए जाने की मांग उठाई गई है। याचिकाओं में यह मुख्य आधार बनाया गया है कि कुछ महत्वपूर्ण फैसले अकेले लिए गए, जबकि उन्हें सबकी सहमति से लिया जाना चाहिए था।

