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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिका पर अपनी सुनवाई पूरी कर ली है और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मीडिया रिपोर्टों के आधार पर किसी भी तरह का आदेश नहीं दिया जा सकता है, इसलिए चुनाव आयोग का जवाब आना जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करने से किया इनकार

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले में किसी भी प्रकार का अंतरिम आदेश देने से साफ इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह तय करने से पहले चुनाव आयोग का पक्ष जानना आवश्यक है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले उन शक्तियों का उपयोग कर सकते हैं जो संविधान के तहत पूरे बहु-सदस्यीय चुनाव पैनल को दी गई हैं। पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित किया जाता है, तो निर्वाचन आयोग का कामकाज कौन संभालेगा और चुनाव कौन कराएगा।

याचिका और आपत्तियों का मामला

यह पूरा मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ा हुआ है। याचिका में यह तर्क दिया गया था कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को मिली शक्तियों का इस्तेमाल सामूहिक निर्णय की प्रक्रिया का पालन किए बिना किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अन्य चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची और प्रौद्योगिकी प्रणालियों से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई थी। अदालत ने कहा कि यदि रिकॉर्ड देखने पर यह पाया जाता है कि कोई निर्णय आम सहमति या बहुमत के बिना लिया गया था, तो उन फैसलों पर आगे विचार किया जा सकता है।

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