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सुप्रीम कोर्ट ने अनीता आडवाणी की याचिका खारिज की, राजेश खन्ना मामले में आया फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने अनीता आडवाणी की याचिका खारिज की, राजेश खन्ना मामले में आया फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी का दर्जा दिलाने और संपत्ति की मांग करने वाली अभिनेत्री अनीता आडवाणी की याचिका को खारिज कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस कानूनी लड़ाई को विलासितापूर्ण मुकदमेबाजी करार देते हुए कहा कि इस याचिका पर विचार करने का कोई वैध आधार नहीं बनता है।

शीर्ष अदालत का कड़ा रुख

जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की और अनीता आडवाणी की अपील को नामंजूर कर दिया। इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट और सत्र अदालत ने भी आडवाणी की याचिकाओं को खारिज कर दिया था। अदालत का मानना है कि इस तरह के मुकदमों को आगे बढ़ाने का कोई ठोस आधार नहीं है।

क्या था पूरा मामला और मांगें?

जुलाई 2012 में बॉलीवुड सुपरस्टार राजेश खन्ना के निधन के बाद यह पूरा विवाद सामने आया था। अनीता आडवाणी का दावा रहा है कि वह दिवंगत अभिनेता के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उनका आरोप था कि राजेश खन्ना के निधन के बाद उन्हें बंगले से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत डिंपल कपाड़िया, ट्विंकल खन्ना और अक्षय कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

अपनी कानूनी शिकायतों के जरिए उन्होंने मुंबई के बांद्रा इलाके में एक तीन बेडरूम का फ्लैट और नियमित मासिक गुजारा भत्ता की मांग रखी थी। हालांकि, अदालतों ने इन सभी मांगों और दलीलों को खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि यह रिश्ता शादी की श्रेणी में नहीं आता है, इसलिए अधिनियम के प्रावधानों के तहत राहत नहीं दी जा सकती।

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