अमेरिका में न्याय विभाग ने चुनावी नियमों के उल्लंघन और अवैध मतदान से जुड़े मामलों में 16 लोगों के खिलाफ औपचारिक आरोप तय किए हैं। इन आरोपियों में तीन पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं, जिन पर फर्जी तरीके से मतदान करने और मतदाता पंजीकरण से जुड़े गंभीर आरोप हैं। न्याय विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई संघीय चुनावों की अखंडता बनाए रखने के लिए की गई है।
पाकिस्तानी नागरिकों पर लगे आरोप
अधिकारियों के मुताबिक, जिन पाकिस्तानी नागरिकों को आरोपित किया गया है उनमें पेनसिलवेनिया के रहने वाले 50 वर्षीय जमील अहमद और 47 वर्षीय निखत जमील शामिल हैं। इसके अलावा ओहायो से 69 वर्षीय अर्शद जुबेरी का नाम भी इस सूची में है। जमील अहमद और निखत जमील पर पेनसिलवेनिया के पूर्वी जिले में 2024 के चुनाव के दौरान गैर-नागरिक के रूप में मतदान करने का आरोप है। वहीं, अर्शद जुबेरी पर संघीय चुनाव में अवैध रूप से वोट डालने का आरोप लगाया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर कई चुनावों में मतदान किया था।
अन्य देशों के नागरिक भी हैं शामिल
इस कानूनी कार्रवाई के दायरे में केवल पाकिस्तान के ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य देशों के नागरिक भी आए हैं। न्याय विभाग की सूची में क्यूबा, कनाडा, ब्रिटेन, पुर्तगाल, पोलैंड और फिलीपींस के नागरिक भी शामिल हैं। उदाहरण के लिए, इडाहो में कनाडा के एक नागरिक पर 2022 के आम चुनाव में गैर-कानूनी तरीके से वोट डालने का मामला दर्ज किया गया है, जबकि केंटकी और न्यू जर्सी से भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं।
किस तरह के अपराध दर्ज किए गए हैं?
न्याय विभाग के अनुसार, इन सभी मामलों में विभिन्न प्रकार के चुनावी अपराध शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित अवैध गतिविधियां दर्ज की गई हैं:
- संघीय चुनावों में गैर-नागरिकों द्वारा मतदान करना
- मतदाता पंजीकरण के लिए अमेरिकी नागरिकता के झूठे दावे करना
- मृतकों के नाम पर वोट डालना
- एक ही चुनाव में कई बार मतदान करना
- नागरिकता आवेदनों में झूठे बयान देना और अवैध रूप से नागरिकता प्राप्त करना
अमेरिकी प्रशासन द्वारा इन मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है और देश की चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की दखलअंदाजी या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

