उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी अपने संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल करने की योजना बना रही है। पार्टी हाईकमान ने सपा के साथ गठबंधन को मजबूत रखते हुए अक्टूबर माह तक सीटों के बंटवारे के समझौते को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस राजनीतिक प्रक्रिया के तहत पार्टी अपने नेताओं को सहयोगी दल और उसके नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी न करने की हिदायत भी दे चुकी है।
संगठन में फेरबदल और नए चेहरों को मौका
सपा के साथ सीटों के तालमेल की बातचीत के समानांतर कांग्रेस अपने अंदरूनी संगठन को भी नया रूप देने जा रही है। चर्चा है कि पार्टी मौजूदा प्रदेश नेतृत्व में बदलाव करते हुए विधायक दल की नेता अराधना मिश्रा मोना को राज्य की कमान सौंप सकती है। सामाजिक समीकरणों और राजनीतिक नफे-नुकसान को ध्यान में रखते हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही क्षेत्रीय संतुलन बिठाने के लिए कई कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की भी रूपरेखा तैयार की गई है, और जिला स्तर पर भी सूचियां तैयार कर ली गई हैं।
अक्टूबर तक सीट बंटवारे पर सहमति की उम्मीद
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि समय रहते सीटों का बंटवारा होने से चुनावी तैयारियों में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी। हालांकि राज्य स्तर के नेताओं के अपने दावे और आकलन हो सकते हैं, लेकिन शीर्ष स्तर पर आपसी बातचीत के जरिए सभी सीटों पर सम्मानजनक सहमति बना ली जाएगी। पार्टी प्रभारी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई बैठकों में चुनावी रणनीतियों और सांगतिक बदलावों पर पूरी चर्चा हो चुकी है, जिसकी औपचारिक घोषणा जल्द ही की जा सकती है।

