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सैम ऑल्टमैन की बायोमैट्रिक स्टार्टअप World करेगी बैंकों और ज़ूम पर इंसानों की पहचान

सैम ऑल्टमैन की बायोमैट्रिक स्टार्टअप World करेगी बैंकों और ज़ूम पर इंसानों की पहचान

ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन द्वारा सह-स्थापित बायोमैट्रिक स्टार्टअप World अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ा रहा है। कंपनी ने ज़ूम और कई प्रमुख वित्तीय संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हानिकारक बॉट्स और डीपफेक को रोका जा सके। यह तकनीक यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि ऑनलाइन बातचीत या वित्तीय लेनदेन करने वाला व्यक्ति वास्तव में एक जीवित इंसान है या कोई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एजेंट।

आंखों के स्कैन से होती है पहचान

इस तकनीक का मुख्य आधार एक गोलाकार उपकरण है, जिसे ‘ऑर्ब’ कहा जाता है। यह डिवाइस व्यक्ति की आंखों की पुतली यानी आइरिस को स्कैन करता है और पहचान का एक सुरक्षित रिकॉर्ड तैयार करता है। इस पूरी प्रणाली को World ID नाम दिया गया है, जो उपयोगकर्ताओं को गोपनीय और सुरक्षित तरीकों से अपनी पहचान साबित करने की अनुमति देती है। ज़ूम पर इसका उपयोग करने से मीटिंग में शामिल लोग यह पुष्टि कर सकेंगे कि वे वेरिफाइड इंसान हैं।

वित्तीय फर्मों और एआई एजेंट्स के लिए सुरक्षा

वित्तीय क्षेत्र में एआई के बढ़ते दखल और डीपफेक घोटालों के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसे ध्यान में रखते हुए, World ने बैन कैपिटल, ओपनएक्सचेंज, आउटटेक, पन्तरा कैपिटल और वैनएकेक फंड्स जैसे शुरुआती साझीदारों के साथ मिलकर World ID for Agents पेश किया है। इसके जरिए बैंक और वित्तीय कंपनियां उन एआई एजेंट्स की पहचान कर सकेंगी जिन्हें उपयोगकर्ताओं द्वारा काम सौंपा गया है।

ज़ूम पर कैसे काम करेगी यह तकनीक

ज़ूम कॉल के दौरान जिन प्रतिभागियों ने सुरक्षा जांच पूरी कर ली होगी, उनके नाम के साथ स्क्रीन पर एक नीला बैज दिखाई देगा। यह बैज इस बात का प्रमाण होगा कि वे असली इंसान हैं। कंपनियां अपनी जरूरत और बातचीत की गंभीरता के हिसाब से यह तय कर सकती हैं कि उन्हें कब इस सत्यापन की आवश्यकता है। इसके अलावा, ऐप में सरकारी दस्तावेजों और सेल्फी के जरिए भी सत्यापन के स्तर उपलब्ध कराए गए हैं।

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