दीवाली के दिन देश के अलग-अलग राज्यों में आगजनी की कई घटनाएं सामने आईं, जिससे कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार, तेलंगाना, हरियाणा और सिक्किम तक में फैक्ट्रियों, गोदामों और अन्य परिसरों में आग लगने की खबरें मिलीं। शुरुआती जांच में इन हादसों की वजह शॉर्ट सर्किट और पटाखों की चिंगारी को माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आग का तांडव
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित विजयनगर औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लास्टिक कंपनी में भयानक आग लग गई। प्लास्टिक का कच्चा माल होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। दमकल की एक दर्जन से अधिक गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया। वहीं, दिल्ली के नजफगढ़ के नांगली सकरावती इलाके में एक गारमेंट फैक्ट्री में भी आग लगने की सूचना मिली, जिसे बुझाने के लिए दमकल की 25 गाड़ियों को भेजा गया।
हरियाणा और तेलंगाना में फैक्ट्रियां चपेट में
हरियाणा के सोनीपत स्थित बड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में एक मिक्सर-जूसर बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। सोनीपत और पानीपत से पहुंची दमकल की गाड़ियों को आग बुझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार, रास्ते में अतिक्रमण और अवैध निर्माण के कारण दमकल वाहनों को पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में भी एक प्लास्टिक ग्रैन्यूल फैक्ट्री और प्लाईवुड यूनिट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई।
बिहार और सिक्किम में भी हुईं घटनाएं
बिहार की राजधानी पटना के बाईपास थाना क्षेत्र में स्थित एक स्टील गोदाम में आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। इसके साथ ही पटना के मनेर क्षेत्र में पटाखों की चिंगारी से एक कबाड़ की दुकान में भी आग लग गई। दक्षिण सिक्किम के नामची में स्थित एक पुराने अस्पताल परिसर में भी देर शाम आग भड़क उठी, हालांकि दमकल विभाग ने समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

