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गुवाहाटी होटल गोलीकांड: जांच में जुटी एसआईटी के तीन प्रमुख पुलिस अधिकारियों का तबादला

गुवाहाटी होटल गोलीकांड: जांच में जुटी एसआईटी के तीन प्रमुख पुलिस अधिकारियों का तबादला

असम के गुवाहाटी में 26 अक्टूबर को एक होटल के भीतर हुई गोलीबारी की घटना के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस सनसनीखेज मामले की जांच में जुटी विशेष जांच टीम (SIT) के तीन प्रमुख पुलिस अधिकारियों का अचानक से तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई असम पुलिस के कुल सात अधिकारियों के बड़े फेरबदल का हिस्सा है।

किन अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर?

गृह और राजनीतिक विभाग की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, जिन तीन एसआईटी अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें डीसीपी (सेंट्रल) शंभवी मिश्रा, अतिरिक्त डीसीपी विकू एल. अचूमी और पलटन बाजार थाने के प्रभारी व इंस्पेक्टर कुलेशज्योति भुइयां शामिल हैं। शंभवी मिश्रा को कछार जिले के काठल स्थित छठी असम पुलिस बटालियन का कमांडेंट बनाया गया है। इसके अलावा, विकू एल. अचूमी को बारपेटा के हाउली स्थित 28वीं बटालियन में और कुलेशज्योति भुइयां को बॉर्डर ब्रांच में भेज दिया गया है। गृह विभाग के आदेश में इन तबादलों और गोलीकांड की जांच के बीच सीधे संबंध का कोई जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन एसआईटी के सदस्यों के इस तरह अचानक बदले जाने से यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।

क्या था गुवाहाटी का होटल गोलीकांड?

यह खौफनाक वारदात 26 अक्टूबर को गुवाहाटी के जीएस रोड पर स्थित ‘होटल बिलास्सा इन’ में घटी थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद होटल की लीज और उसके प्रबंधन को लेकर उपजा था। आरोपी घानाकांत गोगोई को सितंबर 2025 में पांच साल के समझौते के तहत प्रतिमाह लगभग 1.8 लाख रुपये के किराए पर यह होटल दिया गया था। रेनोवेशन के बाद होटल के इस्तेमाल और सुविधाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद पैदा हो गए थे।

बैठक के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए 26 अक्टूबर को एक बैठक बुलाई गई थी। बातचीत के दौरान बात इतनी बिगड़ गई कि वहां अचानक ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। इस दर्दनाक फायरिंग की घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और होटल के लीजधारक घानाकांत गोगोई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से एक लाइसेंसी .32-बोर की पिस्तौल भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल इस वारदात में होने का संदेह जताया गया है। अदालत ने आरोपी को पहले ही पुलिस हिरासत में भेज दिया था, और इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही लगातार जारी है।

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