जम्मू-कश्मीर में हाल ही में शुरू की गई एक बड़ी बैंक भर्ती प्रक्रिया ने शिक्षित बेरोजगार युवाओं के बीच चिंता पैदा कर दी है। ओपन मेरिट श्रेणी के लिए 35 प्रतिशत से कम सीटें मिलने के कारण एक बार फिर विवादास्पद आरक्षण नीति पर बहस छिड़ गई है।
जेएंडके बैंक भर्ती और सीटों का विवरण
जम्मू-कश्मीर बैंक ने प्रो probationary officers और बैंकिंग एसोसिएट के लगभग 1400 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत जम्मू-कश्मीर में 323 प्रो probationary officers और 1033 बैंकिंग एसोसिएट के पद शामिल हैं, जबकि लद्दाख के लिए भी कुछ पद आरक्षित किए गए हैं। वर्ष 2020 के बाद से यह बैंक की इस स्तर की पहली बड़ी भर्ती है।
आरक्षण और ओपन मेरिट पर उठे सवाल
छात्र कार्यकर्ताओं और ओपन मेरिट के उम्मीदवारों का कहना है कि लगभग 70 प्रतिशत पद कोटा के छात्रों के लिए आरक्षित होने से सामान्य श्रेणी के युवाओं के अवसर काफी सीमित हो गए हैं। वर्ष 2005 के आरक्षण नियमों और उसके संशोधनों के बाद से अनारक्षित श्रेणी घटकर लगभग 40 प्रतिशत रह गई है। आलोचकों का तर्क है कि इससे सर्वोच्च न्यायालय के नियमों का उल्लंघन होता है। इसके अलावा, आयु सीमा और आयु में छूट न मिलने को लेकर भी युवाओं में असंतोष है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी छात्रों की इन चिंताओं का समर्थन किया है। नेताओं ने आयु सीमा को बढ़ाकर अन्य बोर्डों की तरह 40 वर्ष करने और वाणिज्यिक संस्थानों में योग्यता को प्राथमिकता देने की मांग की है। स्थानीय प्रशासन और बैंक प्रबंधन के समक्ष इन मुद्दों को लगातार उठाया जा रहा है ताकि योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिल सके।

