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कश्मीर में शरद ऋतु का जादू, सैलानी घाटी के सुनहरे नजारों से हुए मंत्रमुग्ध

कश्मीर में शरद ऋतु का जादू, सैलानी घाटी के सुनहरे नजारों से हुए मंत्रमुग्ध

कश्मीर में जैसे-जैसे पर्यटन का मौसम रफ्तार पकड़ रहा है, देश और दुनिया से आने वाले पर्यटक यहां के मनमोहक और बदले हुए परिदृश्य को देखकर पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए हैं। घाटी में शरद ऋतु के आते ही चारों तरफ एक अलग ही प्राकृतिक सौंदर्य देखने को मिल रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 13 अक्टूबर तक कुल 16,37,070 पर्यटकों ने कश्मीर घाटी का दौरा किया है। इनमें से 16,20,420 घरेलू सैलानी और 16,650 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। शरद ऋतु के इस मौसम में पूरी घाटी सुनहरे रंगों में रंग गई है, जो यहां आने वाले हर मुसाफिर को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

मुगल गार्डन और चिनार के पेड़ों का आकर्षण

इस मौसम में पर्यटकों की पहली पसंद मुगल गार्डन, विशेष रूप से निशात और शालीमार बाग बने हुए हैं। चिनार के पेड़ों से गिरते हुए पत्ते और उनका सुनहरा आवरण एक अद्भुत और दर्शनीय नजारा पेश करता है। मुंबई से आए एक जोड़े, विवेका और हरि, ने साझा किया कि इस मौसम में कश्मीर घूमना उनका पुराना सपना था, जो अब सच हो गया है। उन्होंने कहा कि फिल्मों और तस्वीरों में देखी गई सुंदरता से कहीं अधिक वास्तविक दृश्य उन्हें यहां देखने को मिला।

सैलानियों को भा रहा है शांत वातावरण

चिनार के पेड़ों के नीचे बैठना और बिखरे हुए सूखे पत्तों पर चलने पर आने वाली आवाज सैलानियों को एक अलग ही शांति और सुकून का अहसास कराती है। गुजरात से परिवार सहित आए डॉ. जयेश मोटा ने बताया कि इतनी सुहाना मौसम और अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता को शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल है।

गर्मियों में हरे-भरे रहने वाले चिनार के पेड़ इस मौसम में गहरे लाल, पीले और एम्बर रंगों में बदल जाते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल बदल जाता है। पहली बार कश्मीर आईं एक महिला पर्यटक ने बताया कि वह यहां के सुनहरे पत्तों से इतनी प्रभावित हुईं कि वे इन यादों को अपने साथ हमेशा के लिए सहेजकर रखना चाहती हैं।

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