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लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन में रचा इतिहास, दो बार खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने

लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन में रचा इतिहास, दो बार खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने

भारतीय शटलर लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन 2026 के मेन्स सिंगल्स फाइनल मुकाबले में इंडोनेशिया के खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी को हराकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के इतिहास में किसी भी कैटेगरी में दो बार यह खिताब जीतने वाले वे देश के पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। लक्ष्य सेन के करियर और मौजूदा सत्र का यह पहला बीडब्ल्यूएफ (BWF) खिताब है, जिसे उन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर हासिल किया है।

फाइनल मुकाबले का रोमांचक सफर

रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में 25 वर्षीय लक्ष्य सेन ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए डिफेंडिंग चैंपियन जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेमों में 21-17, 21-10 से शिकस्त दी। इस मुकाबले से पहले दोनों खिलाड़ियों के बीच जीत-हार का रिकॉर्ड संतुलित था, लेकिन लक्ष्य ने पेरिस ओलंपिक में भी इस प्रतिद्वंद्वी को हराया था। फाइनल मैच की शुरुआत में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहां एक समय इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने बढ़त बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, लक्ष्य ने अपने दमदार स्मैश और चतुराई भरे शॉट के बल पर रैलियों पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया।

पहला गेम जीतने के बाद राष्ट्रमंडल खेल 2022 के चैंपियन लक्ष्य ने दूसरे गेम में भी अपनी शानदार लय बरकरार रखी। उन्होंने शुरुआत से ही बढ़त हासिल की और ब्रेक तक चार अंक की बढ़त बना ली। इसके बाद प्रतिद्वंद्वी की गलतियों और अपने सटीक खेल के दम पर उन्होंने चैंपियनशिप प्वाइंट हासिल किया और आसानी से मैच अपने नाम कर लिया।

बैडमिंटन जगत में भारत के लिए दोहरी सफलता

हाइलो ओपन 2026 का यह दिन भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक और दोहरी सफलता वाला रहा। लक्ष्य सेन की ऐतिहासिक जीत के साथ-साथ दिग्गज महिला शटलर पीवी सिंधु ने भी महिला सिंगल्स वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया। सिंधु ने फाइनल मुकाबले में डेनमार्क की खिलाड़ी लाइन केजर्सफेल्ड को सीधे गेमों में 21-12, 21-14 से मात दी। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधु ने इस मुकाबले में भी शानदार नियंत्रण और दमदार खेल का प्रदर्शन किया। एक ही दिन में देश के दो दिग्गज खिलाड़ियों द्वारा इस तरह का ऐतिहासिक प्रदर्शन करना और दोनों श्रेणियों में जीत हासिल करना भारतीय बैडमिंटन के लिए गर्व का क्षण है।

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