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राजस्थान में तीन नाबालिग हिरासत में, पाकिस्तान से जुड़े sleeper cell नेटवर्क का मामला आया सामने

राजस्थान में तीन नाबालिग हिरासत में, पाकिस्तान से जुड़े sleeper cell नेटवर्क का मामला आया सामने

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों में कथित तौर पर संलिप्त पाए जाने पर तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। इस गंभीर मामले में पुलिस ने औपचारिक तौर पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की गहनता से जांच शुरू कर दी गई है ताकि इस नेटवर्क की तह तक पहुंचा जा सके।

सोशल मीडिया के जरिए संपर्क और स्लीपर सेल बनाने की साजिश

पुलिस अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये तीनों नाबालिग पाकिस्तान के एक हैंडलर, जिसकी पहचान शहजाद भट्टी के रूप में हुई है, उसके सीधे संपर्क में थे। आरोपी भट्टी सोशल मीडिया और विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भारत के भीतर आतंकी ‘स्लीपर सेल’ स्थापित करने की फिराक में था। इसके लिए वह स्थानीय युवाओं को अपने प्रभाव में लेकर उन्हें भर्ती करने का प्रयास कर रहा था। पुलिस को इस भारत-विरोधी गतिविधि के बारे में एक विशेष गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया।

टेलीग्राम, व्हाट्सएप और सिग्नल ऐप का इस्तेमाल

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी ने भारतीय युवाओं से संपर्क स्थापित करने और उन्हें अपने नेटवर्क में जोड़ने के लिए टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर विशेष समूह बनाए थे। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए वह लगातार युवाओं को अपने जाल में फंसाकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करने की साजिश रच रहा था। इस नेटवर्क का उद्देश्य देश की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करना था।

दर्ज एफआईआर और तकनीकी जांच का दायरा

पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में पाकिस्तान से जुड़े कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, जांच के दौरान टेलीग्राम और सिग्नल एप से जुड़ी कई यूजर आईडी भी सामने आई हैं। पुलिस अब इन सभी नंबरों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आईडी के जरिए हुई आपसी बातचीत की बारीकी से तकनीकी जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का मुख्य फोकस इस बात का पता लगाना है कि इस देश-विरोधी स्लीपर सेल नेटवर्क से और कौन-कौन से व्यक्ति या स्थानीय लोग जुड़े हो सकते हैं।

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