दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में हाल ही में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान 90 लाख लोगों के नामों से सजा 500 मीटर लंबा कपड़ा बैनर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इस अनूठे प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों से कथित तौर पर नाम हटाए जाने के मुद्दे पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना था।
बैनर के पीछे की अनूठी पहल
इस बैनर को तैयार करने वाले महफूज आलम ने बताया कि जब मतदाता सूचियों को प्रिंट किया गया, तो कई कमरे कागजों से भर गए थे। इसके बाद उन्होंने इस जानकारी को सार्वजनिक करने के लिए एक लंबे कपड़े पर इन नामों को मुद्रित करने का विचार किया। इस बैनर में निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार नाम छापे गए थे ताकि लोग आसानी से उनकी पहचान और जांच कर सकें। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि वे बैनर की तस्वीरें लें और इसे वेबसाइट पर उपलब्ध डेटा से मिलान करें।
प्रदर्शन के दौरान अन्य अनोखे अंदाज
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक अन्य व्यक्ति कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर पहुंचा, जिसने भी लोगों का ध्यान खींचा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वक्ताओं का कहना था कि केवल यह तर्क देना कि नाम दोबारा जोड़े जा सकते हैं, सूची से नाम हटाने की मनमानी कार्रवाई को सही नहीं ठहराता है।
विवाद और मांगें
प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूचियों से नामों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाने का आरोप लगाया और इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। हालांकि, इन दावों और हटाए गए नामों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इस प्रदर्शन ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।

