मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया एवं अन्य सदस्यों के साथ बैठक कर प्रदेश की वित्तीय स्थिति, चुनौतियों एवं विकास की आवश्यकताओं पर रखा राज्य का पक्ष।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया एवं अन्य सदस्यों के साथ बैठक कर प्रदेश की वित्तीय स्थिति, चुनौतियों एवं विकास की आवश्यकताओं पर रखा राज्य का पक्ष।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 16वें वित्त आयोग से रखी उत्तराखंड की वित्तीय ज़रूरतें – विकास, संरचना और सीमित संसाधनों को लेकर गिनाईं राज्य की प्रमुख चुनौतियाँ

दिनांक [20 may 2025], देहरादून – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया और आयोग के अन्य सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की वित्तीय स्थिति, भौगोलिक चुनौतियों, संसाधनों की सीमितता और विकास की प्राथमिकताओं को लेकर राज्य का पक्ष मजबूती से रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य है जिसकी 80 प्रतिशत भूमि पर्वतीय क्षेत्र में आती है, जिससे आवागमन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में कई प्रकार की चुनौतियाँ आती हैं। उन्होंने आयोग को यह अवगत कराया कि राज्य प्राकृतिक आपदाओं से अक्सर प्रभावित होता है, जिससे पुनर्निर्माण में निरंतर वित्तीय सहयोग की आवश्यकता रहती है।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तराखंड में सीमांत क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियाँ कठिन हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से इन इलाकों में मूलभूत सुविधाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती ज़िलों में जनसंख्या पलायन को रोकने के लिए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्वरोजगार के अवसरों का सृजन जरूरी है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा देने और राज्यांश में वृद्धि की मांग की, जिससे राज्य को अपने संसाधनों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में सहायता मिल सके। उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि उत्तराखंड जैसे छोटे और विशेष परिस्थितियों वाले राज्यों के लिए अलग वित्तीय फॉर्मूला तैयार किया जाए, ताकि संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड की सरकार पूरी गंभीरता से आत्मनिर्भर राज्य की दिशा में काम कर रही है और निवेश, पर्यटन, औद्योगिक विकास, कृषि, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सुधार और विस्तार के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र से समुचित वित्तीय सहयोग मिलने से राज्य की विकास गति और अधिक तेज़ होगी।

बैठक के अंत में आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और सुझावों की सराहना की और भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड के विशेष हालातों को ध्यान में रखकर यथोचित निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने राज्य की योजनाओं और प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग राज्य के विकास के लिए सहयोग हेतु प्रतिबद्ध है।


यह बैठक उत्तराखंड के आर्थिक भविष्य और विकास की नई संभावनाओं के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हुई है।

Share this content:

Previous post

सरस्वती विद्या मन्दिर, माण्डूवाला, देहरादून छात्रावास का शिलान्यास के बाद के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी

Next post

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से राजभवन में उत्तराखण्ड भ्रमण पर आए 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।