UTTARAKHAND NEWS: नगर निकाय शहरों की आत्मा, मातृ शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत: सीएम धामी
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन में “शहर से संवाद” कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने नगर निकायों को जनसेवा का केंद्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नगर निकाय केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, बल्कि शहर की आत्मा हैं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शहरी विकास विभाग द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए तैयार किए गए तीन वेब पोर्टल्स का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने नगर निकायों के कार्यालयों के डिजिटलीकरण, वेंडिंग जोन के निर्माण, रजत जयंती पार्क की स्थापना, और भारत सरकार से टाइड फंड को अनटाइड फंड में बदलने के लिए अनुरोध करने की भी घोषणा की।
सीएम धामी ने राज्य के हर नगर निगम में 10, नगर पालिका में 5 और नगर पंचायत में 3 हाई-टेक हेयर सैलून/ब्यूटी पार्लर स्थापित करने के लिए स्थानीय महिला एवं पुरुषों को प्रशिक्षित करने की योजना की भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों को केवल पद की भूमिका में नहीं, बल्कि जनसेवा के एक मिशन में भागीदार के रूप में कार्य करना चाहिए। “आपका कार्यालय केवल कार्यालय नहीं, एक सेवा केंद्र होना चाहिए, जहाँ नागरिक निसंकोच विश्वास के साथ आएं,” मुख्यमंत्री ने कहा।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात दोहराते हुए जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रशासनिक कार्यों की सतर्क निगरानी करें, विशेषकर उन कार्यों की जहाँ भ्रष्टाचार की संभावना अधिक होती है। उन्होंने कहा कि शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी को कार्यशैली का मूल मंत्र बनाया जाना चाहिए।
धामी ने उत्तराखंड की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि मातृ शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स को टक्कर दे रहे हैं और उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल निकासी, कचरा प्रबंधन और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय निकायों को विशेष प्रयास करने होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं जैसे स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तराखंड में इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
सीएम धामी ने बताया कि नीति आयोग की एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट में उत्तराखंड ने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य ने पिछले एक वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी की है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में लागू किए गए भू-कानून, समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राज्य के मूल स्वरूप और शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है।
इस कार्यक्रम में देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल समेत सभी नगर निगमों के महापौर, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, नगर आयुक्त नमामि बंसल, सचिव नितेश कुमार झा और शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा 100 से अधिक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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