भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस: आईएसबीटी चौकी प्रभारी एक लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

देहरादून, 14 मई — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को आज एक और बड़ी सफलता मिली है। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आईएसबीटी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक देवेन्द्र खुगशाल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक भूमि विवाद की जांच चौकी प्रभारी के पास लंबित है, जिसमें आरोपी अधिकारी ने गैंगस्टर एक्ट लगाने की धमकी देकर पाँच लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सतर्कता अधिष्ठान ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गुप्त जांच की और फिर योजनाबद्ध ढंग से जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा।

इस कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर विजिलेंस टीम को बधाई दी और कहा, “राज्य सरकार भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प पर अडिग है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता का शोषण करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनता को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।”

गौरतलब है कि बीते तीन वर्षों में धामी सरकार के कार्यकाल में अब तक 150 से अधिक आरोपियों को भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक और अहम कदम माना जा रहा है।

जनता की उम्मीदों पर खरी उतरती कार्रवाई

राज्य सरकार की इस तत्परता ने आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजा है कि अब भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की कार्रवाइयों से साफ संकेत मिलता है कि उत्तराखण्ड में शासन व्यवस्था अब पूरी तरह जवाबदेह और पारदर्शी दिशा में आगे बढ़ रही है।

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