1उत्तराखंड न्यूज़1
उत्तराखंड/राज्य
ताज़ा खबरे
देश/विदेश
प्रेरक प्रसंग
रोजगार
CM Pushkar Singh Dhami news, Dehradun Update, House of Himalayas products, Lakhpati Didi scheme Uttarakhand, Mukhyamantri Sashakt Bahna Utsav Yojana, uttarakhand latest news, Uttarakhand SHG success stories, Uttarakhand women empowerment, Vocal for Local Uttarakhand, Women self-help groups Uttarakhand
MP Team
सीएम धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों को किया सम्मानित, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ पहुंचेगा वैश्विक बाजार
1.63 लाख से अधिक ‘लखपति दीदी’, 15 हजार उद्यमियों को मिलेगा इन्क्यूबेशन सहयोग – सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत सराहनीय कार्य करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सम्मानित किया और उनसे संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना का शुभंकर एवं लोगो लॉन्च किया, साथ ही हाउस ऑफ हिमालयाज के नए उत्पाद और वेबसाइट का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए महिला आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाएं संचालित हो रही हैं। राज्य सरकार भी शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
सीएम धामी ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत अगले तीन वर्षों में 15 हजार से अधिक उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ को इन्क्यूबेशन सुविधा दी जाएगी, जिसमें व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण, कानूनी सहयोग, को-वर्किंग स्पेस, निवेश सहायता और स्थानीय से वैश्विक स्तर तक विपणन नेटवर्क शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल की दिशा में राज्य का हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिला रहा है। फिलहाल 35 उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पाद बाजार में हैं, जिन्हें जल्द ही अन्य देशों में भी निर्यात किया जाएगा। वर्तमान में 68 हजार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 5 लाख महिलाएं व्यवसाय कर रही हैं। 2023 से अब तक सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत 27 हजार से अधिक स्टॉलों के माध्यम से 7 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है और 1.63 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
महिला समूहों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के लिए 49 ग्रोथ सेंटर, 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट, 17 सरस सेंटर, 3 राज्य स्तरीय विपणन केंद्र और 8 बेकरी यूनिट संचालित हो रही हैं। वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट योजना के तहत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर भी महिलाओं के उत्पादों की बिक्री केंद्र खोले गए हैं।
सफलता की कहानियां
सीमा कुमारी (अल्मोड़ा): 5 वर्षों में 18 लाख रुपये की आय।
दया दानू (बागेश्वर): 400 महिलाओं के साथ मिलकर एक वर्ष में 1 करोड़ रुपये का लाभ।
हेमा उपाध्याय (चम्पावत): एग्रो टूरिज्म, पॉलीहाउस और होमस्टे से सालाना 4 लाख रुपये की कमाई।
रेखा नेगी (चमोली): स्थानीय उत्पादों की बिक्री से आय।
किरण राणा (देहरादून): मशरूम उत्पादन से लाभ, 34 महिलाओं को जोड़ा।
छवि (हरिद्वार): रेस्टोरेंट के लिए 10 लाख का लोन, 6 लाख सब्सिडी।
किरण जोशी (नैनीताल): रेशम उत्पादों से 9 माह में 8 लाख रुपये का कारोबार।
कार्यक्रम में विधायक खजानदास, सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा, आयुक्त अनुराधा पाल, अपर सचिव झरना कमठान और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
Share this content:
