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उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट एमओयू ग्राउंडिंग की समीक्षा: सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
CM Dhami Reviews Uttarakhand Global Investors Summit MoU Grounding

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट एमओयू ग्राउंडिंग की उच्चस्तरीय समीक्षा
स्पिरिचुअल ज़ोन, आयुर्वेद एम्स व भराड़ीसैंण में मंदिर निर्माण को प्राथमिकता

देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत संपादित एमओयू तथा उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति की समीक्षा को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए समझौतों की स्थिति, जमीनी प्रगति, आ रही बाधाओं तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान कुल ₹3.57 लाख करोड़ के 1,779 एमओयू हस्ताक्षरित हुए थे, जिनमें से अब तक ₹1.06 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह उत्तराखंड में निवेशकों के बढ़ते विश्वास, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन तथा उद्योग-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमओयू ग्राउंडिंग की गति को और तेज करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि एमओयू के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी प्रकार की बाधा का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित कर निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। यदि किसी नीति में संशोधन अथवा सरलीकरण की आवश्यकता हो, तो उसका प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से नियमित संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया तथा कहा कि उन्हें राज्य में उपलब्ध ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटल सेवाओं, सरलीकृत प्रक्रियाओं तथा निवेशकों के लिए विकसित किए जा रहे उद्योग फ्रेंडली इकोसिस्टम की जानकारी समय-समय पर दी जाए। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो तथा सभी कार्य स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार पूर्ण किए जाएं।
पर्यटन, उद्योग और निवेश को मिले नई गति
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों में होटल एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन विकसित करने के लिए एरिया आधारित फोकस पॉलिसी पर कार्य किया जा रहा है।
उद्योगों को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद में प्रतिमाह “उद्योग मित्र समिति” की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे उद्योगों से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान और निवेश को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया और प्रभावी बन सके।
संस्कृति, अध्यात्म और संतुलित विकास पर विशेष बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र है। इसी दृष्टिकोण से उन्होंने स्पिरिचुअल ज़ोन के विकास, भराड़ीसैंण में मंदिर एवं अन्य अवसंरचनात्मक निर्माण कार्यों, आयुर्वेद एम्स की स्थापना, इकोलॉजी-इकोनॉमी संतुलन आधारित विश्वविद्यालय, हिंदू स्टडीज सेंटर एवं प्राच्य शोध केंद्र की स्थापना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, एस. अडांकी, सी. रवि शंकर, डी.एस. गब्र्याल, वन विभाग से रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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