केदारनाथ हेली सेवा पर ‘कड़ा पहरा’: खराब मौसम के बीच सुरक्षा सर्वोपरि, DGCA की गाइडलाइंस का सख्त पालन

केदारनाथ धाम की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो, इसके लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा हेली सेवाओं की निरंतर और सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है।

​राज्य सरकार के निर्देशानुसार, केदारघाटी में वर्तमान में 08 हेली कंपनियां अपनी सेवाएं दे रही हैं। इन सभी कंपनियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे सुरक्षा मानकों और DGCA की गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भक्तों की आस्था के साथ-साथ उनकी जान-माल की सुरक्षा भी बनी रहे।
​खराब मौसम बना चुनौती: रद्द हो रही हैं बुकिंग
​पिछले कुछ दिनों से केदारघाटी में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। खराब दृश्यता (Visibility) और भारी बारिश के चलते सुरक्षा कारणों से उड़ानों पर पूर्णतः पाबंदी लगाई गई है।
​टिकट कैंसिलेशन: मौसम की मार के कारण हर रोज सैकड़ों टिकटों की बुकिंग रद्द की जा रही है।
​कंपनियों का रुख: हेली ऑपरेटरों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। वे DGCA के नियमों के तहत ही उड़ान भर रहे हैं और जोखिम भरे मौसम में ऑपरेशन बंद रखा जा रहा है।
​”सरकार का लक्ष्य यात्रा को केवल सुगम बनाना ही नहीं, बल्कि हर यात्री की घर वापसी सुरक्षित सुनिश्चित करना है। नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।”

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