भारत 2030 तक बनाएगा 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली स्वदेशी बुलेट ट्रेन
भारतीय रेलवे देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसी कड़ी में 2030 तक 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली स्वदेशी बुलेट ट्रेनें तैयार करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इन नई स्वदेशी ट्रेनों को B35 नाम दिया गया है, जिनकी डिजाइन गति जापान की आगामी E10 सीरीज के समकक्ष होगी।

मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर और B28 ट्रेनें
लगभग 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसके दिसंबर 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है, हालांकि इसका एक छोटा हिस्सा पहले ही शुरू किया जा सकता है। इस मार्ग पर शुरुआत में B28 ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनकी अधिकतम परिचालन गति 249 किमी प्रति घंटा होगी। इन ट्रेनों के निर्माण के लिए बीईएमएल को ठेके दिए जा चुके हैं, और इसके प्रोटोटाइप का ट्रायल रन जल्द ही शुरू होने की संभावना है। बेंगलुरु स्थित ‘आदित्य’ हाई-स्पीड रेल कॉम्प्लेक्स में इनका निर्माण किया जा रहा है।
ट्रेनों की मुख्य विशेषताएं
B28 बुलेट ट्रेनों को विशेष रूप से भारत की जलवायु परिस्थितियों यानी गर्मी और धूल-मिट्टी के अनुकूल डिजाइन किया गया है। इन ट्रेनों में कई आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी:
- पूर्ण रूप से वातानुकूलित चेयर कार
- एडवांस्ड इंफोटेनमेंट सिस्टम
- झुकने और घूमने वाली आरामदायक सीटें
- दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं
प्रोजेक्ट की लागत और अन्य रूट
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट की संशोधित लागत अब 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा, भविष्य के लिए देश में कई अन्य हाई-स्पीड कॉरिडोर पर भी विचार किया जा रहा है, जिनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे रूट शामिल हैं।


